प्रशिक्षण से पहले वार्म-अप
वार्म-अप प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण और आवश्यक हिस्सा है। पुल-अप के दौरान हम विभिन्न मांसपेशी समूहों का उपयोग करते हैं और इन्हें प्रशिक्षण में लगाने से पहले गर्म करना जरूरी है। वार्म-अप मांसपेशियों और जोड़ों की चोट और खिंचाव को रोकता है।
हम 10 मिनट की वार्म-अप दिनचर्या का सुझाव देते हैं। यह चोट के जोखिम को काफी कम करेगा और जो भी महत्वपूर्ण है - यह आपके प्रशिक्षण के परिणामों को बेहतर बनाएगा (गर्म की गई मांसपेशियाँ अधिक कुशल होती हैं)।
वार्म-अप तीव्र होना चाहिए। खुद को न बख्शें। वार्म-अप पहले से ही प्रशिक्षण का हिस्सा है। पूरा करने के बाद आपको पसीना आ जाना चाहिए।
1. धड़ मोड़ (टॉर्सो टर्न)

प्रारंभिक स्थिति:
- सीधे पैरों पर खड़े हों,
- आपके पैर आपके कंधों की चौड़ाई पर होने चाहिए,
- आगे की ओर झुकें ताकि आपका धड़ जमीन के समानांतर हो,
- अपनी बाहों को दोनों तरफ सीधा करें।
व्यायाम:
- जितना हो सके उतने चौड़े मूव करें, अपने धड़ को दाएं और बाएं घुमाते हुए।
- अपने सिर को उस अग्रणी हाथ की ओर देखने के लिए घुमाएं (जो हाथ ऊपर जाता है)।
हर दिशा में इस मोड़ को 15 बार दोहराएं।
2. झुकाव (बेंड)

प्रारंभिक स्थिति:
- पैर कंधों की चौड़ाई पर,
- व्यायाम के दौरान पूरे समय घुटनों पर पैर सीधे रखें।
व्यायाम:
- झुकावों को गिनें: 1 पर - दाएं पैर की ओर झुकें, 2 पर - बाएं पैर की ओर झुकें, 3 पर - सीधे हो जाएं। इसे लगभग 30-40 बार दोहराएं।
- जब आप पूरा कर लें, तो अपने पैरों को एक साथ रखें, फिर से आगे झुकें और अपने माथे से घुटनों को छूने की कोशिश करें। कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें।
3. कूल्हे का घुमाव (हिप रोटेशन)
प्रारंभिक स्थिति:
- अपने हाथ कूल्हों पर रखें।
व्यायाम:
- अपने कूल्हों से चौड़े क्षैतिज गोले बनाएं।
- दाईं ओर घुमाते हुए 10 गोले और बाईं ओर घुमाते हुए 10 गोले बनाएं।
4. पेट की मांसपेशियाँ
प्रारंभिक स्थिति:
- अपनी पीठ के बल सीधे लेट जाएं और अपने पैर जमीन से कुछ इंच ऊपर रखें।
व्यायाम:
- अपने पैरों से 30 सेकंड तक क्षैतिज कैंची बनाएं।
- 5 सेकंड आराम करें।
- अपने पैरों से 30 सेकंड तक ऊर्ध्वाधर कैंची बनाएं।
5. पीठ की मांसपेशियाँ

प्रारंभिक स्थिति:
- अपने पेट के बल लेट जाएं और अपने हाथ सीधे ऊपर की ओर रखें।
व्यायाम:
- अपनी बाहों और पैरों को एक साथ फर्श से ऊपर उठाएं और 1 सेकंड तक ऊपर रोके रखें।
20 बार दोहराएं।
6. बांह के गोले (आर्म सर्कल)

प्रारंभिक स्थिति:
- पैर कंधों की चौड़ाई पर,
- बाहें शरीर के साथ सीधी।
व्यायाम:
दोनों हाथों से एक साथ गोले बनाएं:
- आगे की ओर 20 बार,
- पीछे की ओर 20 बार,
- विपरीत दिशाओं में 20 बार।
7. अग्रबाहु के गोले (फोरआर्म सर्कल)

प्रारंभिक स्थिति:
- प्रारंभिक स्थिति ऊपर के व्यायाम जैसी।
- हाथ बगल की ओर सीधे ऊपर और कंधे के स्तर पर।
व्यायाम:
- कोहनियों पर बाहों को मोड़ते हुए गतिशील गोले बनाएं:
- अंदर की दिशा में गोले - 30 सेकंड,
- बाहर की दिशा में गोले - 30 सेकंड।
8. कलाई का घुमाव (रिस्ट रोटेशन)

प्रारंभिक स्थिति:
हाथ उंगली-दर-उंगली एक साथ जोड़े हुए।
व्यायाम:
कलाइयों को हर दिशा में 60 सेकंड तक घुमाएं।